
x
बेंगलुरु। कर्नाटक विधान परिषद चुनाव 2026 में बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एनडीए को बड़ी सफलता मिली है। भाजपा-जेडीएस गठबंधन के उम्मीदवार ए.पी. रंगनाथ ने कांग्रेस के मौजूदा एमएलसी पुट्टन्ना को हराकर जीत दर्ज की है। मंगलवार, 27 अक्टूबर को घोषित परिणाम में रंगनाथ को 10,810 प्रथम वरीयता मत मिले, जबकि पुट्टन्ना को 9,902 वोट हासिल हुए। इस तरह रंगनाथ ने 908 मतों के अंतर से जीत दर्ज की।
इस जीत के बाद कर्नाटक की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। जेडीएस नेता निखिल कुमारस्वामी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर ईवीएम और चुनावी अनियमितताओं से जुड़े आरोपों को लेकर तंज कसा है। वहीं केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने इस जीत को ऐतिहासिक बताते हुए भाजपा-जेडीएस गठबंधन के कार्यकर्ताओं को बधाई दी।
बैलेट पेपर से मतदान पर राहुल गांधी को घेरा
जेडीएस नेता निखिल कुमारस्वामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल गांधी को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि इस बार चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के बजाय बैलेट पेपर से कराया गया था। राज्य में कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद एनडीए उम्मीदवार ने जीत हासिल की।
निखिल कुमारस्वामी ने सवाल उठाया कि जब शिक्षित मतदाताओं ने बैलेट पेपर के माध्यम से वोट डाले, तो अब कांग्रेस चुनावी हार के लिए किसे जिम्मेदार ठहराएगी।
उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या अब कांग्रेस 'पेपर चोरी' का आरोप लगाएगी। साथ ही उन्होंने रंगनाथ, भाजपा और जेडीएस नेताओं तथा गठबंधन कार्यकर्ताओं को जीत की बधाई दी।
कुमारस्वामी बोले- ऐतिहासिक जनादेश
केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने भी बेंगलुरु शिक्षक सीट पर एनडीए की जीत का स्वागत किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर 'सत्यमेव जयते' लिखते हुए कहा कि यह परिणाम जनता के विश्वास और गठबंधन की एकजुटता को दर्शाता है।
कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि चुनाव में सत्ता और धनबल का प्रभाव दिखाने की कोशिश की गई, लेकिन शिक्षकों ने अपने विवेक से मतदान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों ने एनडीए उम्मीदवार को समर्थन देकर बदलाव का संदेश दिया है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा और भाजपा-जेडीएस के कार्यकर्ताओं का भी आभार व्यक्त किया।
पुट्टन्ना को हराकर पिछली हार का हिसाब चुकाया
बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में इस बार ए.पी. रंगनाथ और पुट्टन्ना के बीच मुकाबला विशेष रूप से महत्वपूर्ण था। वर्ष 2024 के उपचुनाव में पुट्टन्ना ने रंगनाथ को हराया था। लेकिन 2026 के चुनाव में परिणाम उलट गया और रंगनाथ ने कांग्रेस से सीट छीन ली।
पुट्टन्ना लंबे समय से शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय रहे हैं। वह पहले जेडीएस से जुड़े थे और बाद में कांग्रेस में शामिल हो गए थे।
2028 विधानसभा चुनाव से जोड़ा परिणाम
कुमारस्वामी ने इस जीत को 2028 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव से भी जोड़ा। उन्होंने दावा किया कि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का परिणाम राज्य में राजनीतिक बदलाव का संकेत है।
उन्होंने कहा कि गठबंधन ने इस चुनाव में एकजुट होकर काम किया और इसका परिणाम जीत के रूप में सामने आया। हालांकि, एक विधान परिषद सीट के नतीजे से अगले विधानसभा चुनाव का परिणाम तय नहीं होता।
कर्नाटक की चार सीटों पर हुआ था मतदान
कर्नाटक विधान परिषद की चार सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान कराया गया था। इनमें बेंगलुरु शिक्षक, उत्तर-पूर्व शिक्षक, पश्चिम स्नातक और दक्षिण-पूर्व स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल थे।
बेंगलुरु शिक्षक सीट पर 81.98 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। मंगलवार को मतगणना के बाद रंगनाथ की जीत की घोषणा की गई। उत्तर-पूर्व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भी भाजपा-जेडीएस गठबंधन के उम्मीदवार शशील जी. नमोशी की जीत की खबर सामने आई है।
PTIFeed+1
बेंगलुरु शिक्षक सीट के परिणाम के बाद एनडीए और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा-जेडीएस गठबंधन इस जीत को अपनी एकजुटता की सफलता बता रहा है, जबकि चुनाव के व्यापक राजनीतिक प्रभाव को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।
Next Story





